मुझको सीने से लगाओगे तो आ जाऊंगा,
तुम अगर दिल से बुलाओगे तो आ जाऊँगा.
तेरे आँचल के सितारों से शिकायत है मुझे,
तुम वहाँ मुझको सजाओगे तो आ जाऊँगा.
हर तरफ रात की खामोशी है, सन्नाटा है,
घुंघरू पायल के बजाओगे तो आ जाऊँगा.
बिंदिया माथे की ना बनाओ कोई बात नहीं,
तिल जो काँधे का बनाओगे तो आ जाऊँगा.
गीत लिख लिख के जमा कर लिए कई सारे,
तुम अगर गा के सुनाओगे तो आ जाऊँगा.
मैं तो जुगनू हूँ अंधेरों में नज़र आता हूँ,
बत्तियां घर की बुझाओगे तो आ जाऊँगा.
दूरियां अब सहन होती नहीं मुझसे दिलबर,
मुझमे पूरा जो समाओगे तो आ जाऊँगा.
तुम अगर दिल से बुलाओगे तो आ जाऊँगा.
तेरे आँचल के सितारों से शिकायत है मुझे,
तुम वहाँ मुझको सजाओगे तो आ जाऊँगा.
हर तरफ रात की खामोशी है, सन्नाटा है,
घुंघरू पायल के बजाओगे तो आ जाऊँगा.
बिंदिया माथे की ना बनाओ कोई बात नहीं,
तिल जो काँधे का बनाओगे तो आ जाऊँगा.
गीत लिख लिख के जमा कर लिए कई सारे,
तुम अगर गा के सुनाओगे तो आ जाऊँगा.
मैं तो जुगनू हूँ अंधेरों में नज़र आता हूँ,
बत्तियां घर की बुझाओगे तो आ जाऊँगा.
दूरियां अब सहन होती नहीं मुझसे दिलबर,
मुझमे पूरा जो समाओगे तो आ जाऊँगा.
