गोल गोल चाँद के सामान रोटियां,
भूख और गरीब की पहचान रोटियां.
मिल गई अगर, तो जलन पेट की मिटे,
ना मिले तो मौत का पैगाम रोटियां.
आरती का थाल है गरीब के लिए,
भूखे को नमाज़ की अज़ान रोटियां.
महलों में महंगे नगीनों की हवस रही है,
झोंपड़ी का है फ़क़त अरमान रोटियां.
मर जाना चाहे भूख से खाना कभी नहीं,
अमीर के महल की बेईमान रोटियां.
नारे सियासी लोग लगाते बड़े बड़े,
गरीब के लिए है राष्ट्रगान रोटियां
भूख और गरीब की पहचान रोटियां.
मिल गई अगर, तो जलन पेट की मिटे,
ना मिले तो मौत का पैगाम रोटियां.
आरती का थाल है गरीब के लिए,
भूखे को नमाज़ की अज़ान रोटियां.
महलों में महंगे नगीनों की हवस रही है,
झोंपड़ी का है फ़क़त अरमान रोटियां.
मर जाना चाहे भूख से खाना कभी नहीं,
अमीर के महल की बेईमान रोटियां.
नारे सियासी लोग लगाते बड़े बड़े,
गरीब के लिए है राष्ट्रगान रोटियां